कालेधन का धनकुबेर: 200 करोड़ कैश, 23 किलो सोना, आम जीवनशैली के पीछे छिपे इस धनकुबेर की कहानी सुन हर कोई हो गया हैरान

By Ravi Singh

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Income tax raid: कानपुर (Kanpur) और कन्नौज (Kannauj) के इत्र कारोबारी पीयूष जैन (Piyush Jain) के नाम से अब हर कोई वाकिफ है। उनका नाम इन दिनों सुर्खियों में है। वजह है डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस यानी डीजीजीआई की छापेमारी। इस छापेमारी में उनके ठिकानों से 194 करोड़ रुपये से नगद, 64 किलो सोना, 250 किलो चांदी, और 600 लीटर चंदन का तेल बरामद हुआ है। यह छापेमारी कुल उनके कानपुर और कन्नौज स्थित ठिकानों पर 5 दिनों तक चली, और कैश इतना की गिनने के लिए अधिकारियों के हाथ कम पड़ गए आयर मशीनों का इस्तेमाल करना पड़ा ।

ऐसे बरामद हुई संपत्ति?

डीजीजीआई अहमदाबाद की टीम ने कन्नौज और कानपुर स्थित इत्र कारोबारी के ठिकानों पर छापेमारी की।

कानपुर में कुल 177 करोड़ रुपये नगद बरामद हुआ। वहीं कन्नौज स्थित उनके आवास से 17 करोड़ रुपये नगद और बड़ी मात्रा में चांदी, सोना, और चंदन का तेल मिला। जांच में यह भी पता चला कि पीयूष जैन (Piyush Jain) ने घर में सीक्रेट बेसमेंट बनवा रखे थे। जहां वह अपनी अवैध कमाई जमा करता था। अधिकारियों ने दीवारें तोड़ी, फॉल्स सीलिंग तोड़ी, अलमारियां, और यहां तक कि बेसमेंट के फर्श तक को तोड़कर ताबड़तोड़ छापेमारी की तब जाकर पीयूष जैन के गुप्त तहखाने का खुलासा हुआ।

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गुप्त जीवन जीता था पीयूष जैन

पीयूष जैन एक गुप्त जीवन जी रहा था, आस-पास के लोगों को खबर तक नहीं थी की रोज उनके सामने से पुरानी स्कूटर और खटारा सेंट्रो कार लेकर गुजरने वाला पीयूष जैन करोड़ो की अवैध संपत्ति का मालिक है। ऐसे आम सा जीवन जीने वजह से न केवल पीयूष के पड़ोसी बल्कि करीबी रिश्तेदार और दोस्त भी उसे एक आम बिजनेसमैन समझते थे। पीयूष जैन सारी दुनिया के सामने एक आम इत्र कारोबारी का भेष धारन किया हुआ था। लेकिन जीएसटी इंटेलिजेंस की छापेमार कार्रवाई से ये खुलासा हुआ कि वह अपनी संपत्ति को छिपाने के लिए ऐसी चालाकियां करता था। वह बड़े पैमाने पर संपत्ति की हेरा-फेरी करता था।

खुद को कर्जदार बताता था पीयूष जैन

किसी को उसपर कभी शक न हो इसके लिए पीयूष जैन खुद को कर्जदार बताता था। वह अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से आए दिन अपने व्यापार में हो रहे नुकसान की मन-गढ़त कहानियां सुनाता था और कहता था की उस पर भारी कर्ज है। सिर्फ इतना ही नहीं शक की किसी भी गुंजाईश से बचने के लिए उनसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से वह अक्सर उधार लिया करता था। लेकिन डीजीजीआई की कार्रवाई के बाद जब उसका मुखौटा उतरा तब सभी लोग हक्के- बक्के रह गए।

सीक्रेट बेसमेंट की तलाशी

कन्नौज स्थित ठिकाने में अधिकारियों को सीक्रेट बेसमेंट मिले। जब अधिकारियों की नजर बेसमेंट के फर्श पर गई तो उन्हें कुछ संदिग्ध लगा, जिसके बाद उन्होंने फर्श को तोड़ने का फैसला लिया। बेसमेंट का हाईट छोटा था, जिस वजह से उसमें जाने के लिए झुकना पड़ता था, जो इसे और भी संदिग्ध बनाता था। फॉल्स सीलिंग, लाइट फिक्स्चर, सजावट के सामान और बेड के अंदर तक की तलाशी ली गई।

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वकीलों का पैनल और न्यायिक हिरासत

डीजीजीआई की टीम ने पीयूष जैन को कोर्ट में पेश किया और उनकी ट्रांजिट रिमांड मांगी, हालांकि कोर्ट ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा। पेशी के दौरान पीयूष के साथ वकीलों का पैनल मौजूद था।

बरामद की गई संपत्ति

छापेमारी में डीजीजीआई ने कानपुर और कन्नौज स्थित घरों से, 194 करोड़ रुपये नकद, 64 किलो सोना, 250 किलो चांदी, 600 लीटर चंदन का तेल बरामद किया।

पीयूष जैन ने अपने शातिर दिमाग से न केवल प्रशासन बल्कि आम जनता को भी हैरान कर दिया है। आम जीवनशैली के पीछे छिपे इस धनकुबेर की कहानी अब पूरी दुनिया के सामने है।

Ravi Singh